PM-Narendra-Modi-is-pleased-with-the-victory-in-the-UP-tea-party-with-BJP-MPs

यूपी में जीत से खुश पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के बीजेपी सांसदों के साथ की चाय पार्टी, जानें क्या कहा

यूपी में मिली ऐतिहासिक जीत को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के सांसदों को आज नाश्ते पर बुलाया था. सूत्रों के मुताबिक- पीएम मोदी ने बीजेपी के सांसदों की पीठ थपथपाई और ऐसे ही मेहनत करने को कहा. पीएम ने कहा कि सांसद ऐसे ही अच्छे काम करना जारी रखें, जीतोड़ मेहनत करने के लिए आपका धन्यवाद. दरअसल, यूपी में जीत सुनिश्चित करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सभी सांसदों को अपने-अपने इलाके से अधिक से अधिक बीजेपी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को कहा था.सभी सांसदों ने जमकर मेहनत भी की. नतीजा भी सबके सामने है कि बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की.

बीजेपी की इस जीत की दुनियाभर में चर्चा है. बीजेपी ने करीब 70 प्रतिशत सीटों पर कब्जा जमाया. बीजेपी गठबंधन ने 403 सीटों में से कुल 325 सीटों पर काबिज हुआ. बीजेपी के उम्मीदवारों ने कई इलाकों में बड़े अंतर से जीते.

गौरतलब है कि यूपी में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं और मंत्रियों के पदों का बंटवारा भी हो चुका है. सीएम की कुर्सी पर बैठते ही योगी आदित्यनाथ ने कई कदम उठाए जिनमें अवैध बूचड़खानों पर ताले और एंटी रोमियो स्क्वॉड तक शामिल है. योगी आदित्यनाथ के लिए कहा जा रहा है कि वह उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाएंगे.

इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें.सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए.सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही.

PM-Narendra-Modi-and-CM-Yogi-Adityanath-will-not-eat-food-will-keep-Navratri-fast

पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ 28 मार्च से पांच अप्रैल तक नहीं खाएंगे अन्न, रखेंगे नवरात्र का व्रत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दिल्ली से लखनऊ लौटते ही एयरपोर्ट से सीधे वीवीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने नवरात्र‍ि और राम नवमी को देखते हुए प्रशासनिक अफसरों को शक्त‍िपीठों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. नवरात्र में व्रत रखने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ में काफी समानता है. दोनों नेता नवरात्र में पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं. इस दौरान दोनों अन्न ग्रहण नहीं करते हैं. सीएम आदित्यनाथ नौ दिन के व्रत के बाद नवमी को कन्या पूजन के साथ व्रत का समापन करते हैं.

इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक 28 मार्च से चैत नवरात्र शुरू होने वाला है. पांच अप्रैल को भगवती के देवी सिद्धदात्री स्वरूप का पूजन के साथ व्रत का समापन होगा. यानी 28 मार्च से पांच अप्रैल तक पीएम मोदी और सीएम योगी नवरात्र का व्रत रखेंगे और अन्न ग्रहण नहीं करेंगे.

योगी आदित्यनाथ का आध्यात्म से गहरा नाता है और पूजा पाठ उनकी दिनचर्या का हिस्सा है, लेकिन नवरात्र के समय इसका खास महत्व होता है. बताया जा रहा है कि नवरात्र पर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर भी जा सकते हैं. अक्टूबर में होने वाले शारदीय नवरात्र के दौरान तो योगी नौ दिन तक गोरखपुर मठ में ही रहते हैं और कई तरह की पूजा करते हैं. सिर्फ एक बार ही ये परंपरा टूटी है जब कुछ वर्ष पूर्व एक ट्रेन हादसे के कारण उन्हें घटनास्थल पर जाना पड़ा था.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूरे नियम से नवरात्र का व्रत रखते हैं. एक बार बतौर पीएम नवरात्र के दौरान अमेरिका यात्रा के दौरान भी उन्होंने अच्छे ढंग से व्रत का पालन किया था. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी नवरात्र पर मां दुर्गा की पूजा करते हैं.

The-Muslim-student-wrote-letter-PM-Narendra-Modi

पीएम नरेंद्र मोदी को मुस्लिम छात्रा ने लिखा पत्र, बैंक ने झट से दिया एजुकेशन लोन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से पत्र लिखने पर छात्रा की मदद की है. कर्नाटक के मांड्या की मुस्लिम छात्रा सारा को एमबीए की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन चाहिए था. बैंक वाले लोन नहीं दे रहे थे तो उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद मांगी. पीएमओ के आदेश पर छात्रा को बैंक ने 1.5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कर दिया. हालांकि सारा का एजुकेशन लोन दूसरे बैंक से मिला है. बताया जा रहा है कि सारा ने पहले का एजुकेशन लोन चुकता नहीं किया था, इसलिए बैंक ने उसे दोबारा लोन देने से मना कर दिया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मांड्या में रहने वाले अब्दुल इलियास की बेटी सारा ऊंची शिक्षा हासिल करना चाहती थी. पिता के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे तो सारा ने बैंक में एजुकेशन लोन के लिए आवेदन किया. बैंक ने लोन देने से मना कर दिया, शर्त रखी की पहले पुराना लोन चुकाओ फिर नया लोन मिलेगा. इसके बाद छात्रा सारा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर लोन दिलाने में मदद करने की मांग की. सारा ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का जिक्र किया.

छात्रा के पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने तत्काल एक्शन लेते हुए कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सारा को लोन दिलाने में मदद करने का आदेश दिया.

इसके बाद सारा को विजया बैंक से एजुकेशन लोन मिल गया. विजया बैंक के मैनेजर क्षेमा कुमार का कहना है कि सारा के पिता का बैकग्राउंड और देखकर लोन स्वीकृत किया गया है.

सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है.

narendra modi

नास्त्रेदमस ने जिसके बारे में भविष्यवाणी की थी, वह मोदी ही हैं: सोमैया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सांसद किरीट सोमैया का मानना है कि फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने पूर्व देश के जिस व्यक्ति के बारे में भविष्यवाणी की थी, वह कोई और नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि पूर्व देश में एक ऐसा नेता आएगा जो भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा.

लोकसभा में अनुदानों के लिए पूरक मांग का जवाब देते हुए सोमैया ने कहा, ‘नास्त्रेदमस की यह भविष्यवाणी की पूर्व का एक नेता भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा, वह नेता मोदी ही हैं.’

16वीं शताब्दी के मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हिटलर के उत्थान, 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के गिरने सहित कई महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां की हैं.

रिजिजू भी पोस्ट कर चुके हैं  नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 

कुछ समय पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने भी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को अपने फेसबुक पर पोस्ट किया था.

सोमैया ने प्रत्येक चर्चा में नोटबंदी का मुद्दा उठाने पर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘जब हम बजट पर चर्चा कर रहे हैं, तो इन्होंने (विपक्ष) नोटबंदी का मुद्दा उठा लिया. यहां तक कि आज भी वे नोटबंदी को उठाने से बाज नहीं आए. नोटबंदी का मुद्दा उठाकर इन्होंने अपनी इतनी क्षति पहुंचाई है कि अब लोगों को यूपी में कांग्रेस को ढूंढना पड़ेगा.’

yogi-adityanath-amit-shah-modi

जानें योगी आदित्यनाथ को लेकर क्यों बोली बीजेपी – ‘ऐसे ही तर्क पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी इस्तेमाल हुए थे’

भगवाधारी संन्यासी योगी आदित्यनाथ के यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद बीजेपी ने उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें कहा गया कि आदित्यनाथ को सीएम बनाया जाना यह दर्शाता है कि बीजेपी देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश की ओर अग्रसर है. बीजेपी प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा है कि लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ऐसी बातें कर रहे हैं, ऐसे तर्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी दिए गए थे. वहीं केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ के चुनाव में कोई हस्तक्षेप नहीं किया था.

यूपी के सीएम के लिए कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरा पेश करने के लिए चौतरफा हो रही पार्टी की आलोचनाओं के बीच नायडू ने कहा कि विधायकों ने नेता को चुना है और यही पार्टी की प्रणाली है.  उन्होंने विपक्ष से हार को विनम्रता के साथ स्वीकार करने, जनादेश को स्वीकार करने और नए मुख्यमंत्री को उचित अवसर देने के लिए कहा. नायडू का यह बयान विपक्षी पार्टियों के उन आरोपों के बाद आया है कि भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव विकास के नाम पर नहीं, बल्कि मतदाताओं का ध्रुवीकरण करके लड़ना चाहती है.

नायडू ने कहा, विधायक पार्टी संसदीय बोर्ड के तहत नेता को चुनते हैं. भाजपा में यही तरीका है. आरएसएस कभी हस्तक्षेप नहीं करता ओैर किसी नाम का सुझाव नहीं रखता है. उन्होंने कहा कि निर्वाचित विधायकों से विचार विमर्श के बाद उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को विधायकों की राय से अवगत करा दिया था.

वेंकैया नायडू ने कहा, मैंने विधायकों के साथ बैठक की और उस बैठक में सुरेश खन्ना ने योगी आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा तथा नौ अन्य ने उनका समर्थन किया. सभी विधायक खडे हो गए और सर्वसम्मति से उनके नाम पर सहमत हो गए, तो यह विधायकों का निर्णय है जिसे केंद्रीय नेतृत्व ने मंजूरी दी थी.’