इस्राइल दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को दिए ये तीन गिफ्ट

पीएम नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर इस्राइल के दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी ने भारतीयों को तीन तोहफे दिए. उन्होंने घोषणा की कि इस्राइल में भारतीय मूल के लोगों को भारत के प्रवासी नागरिक (ओसीआई) का कार्ड मिलेगा, भले ही उन्होंने यहां अनिवार्य सैन्य सेवा दी हो. दूसरा दिल्ली, मुंबई और तेल अवीव के बीच सीधी विमान सेवा शुरू की जाएगी ताकि लोगों के बीच आपसी संबंधों को प्रोत्साहित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यहां भारतीय समुदाय की पुरानी मांग को पूरा करते हुए इस्राइल में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र भी खोला जाएगा. (मेरी सरकार का मंत्र है रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म : इस्राइल में भारतीय समुदाय से पीएम मोदी)

पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई कार्ड लेने में आने वाली समस्याओं के बारे में सुना है. प्रधानमंत्री ने दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि भारत सरकार ने नियमों को सरल कर दिया है और इस्राइल में अनिवार्य सैन्य सेवा देने वालों को भी ओसीआई कार्ड दिया जाएगा.

70 साल तक कोई भारतीय पीएम यहां नहीं आया
मोदी ने भारत की पूर्ववर्ती सरकारों पर स्पष्ट निशाना साधते हुए कहा कि इस्राइल से भारत के सदियों पुराने संबंध हैं लेकिन 70 साल में यहां किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने यात्रा नहीं की. यह तथ्य सवाल खड़े करता है. उन्होंने मोदी, मोदी के नारों के बीच कहा, 70 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहां आपका आशीर्वाद लेने आया है. पीएम मोदी ने नेतन्याहू को ‘मेरा मित्र’ करार दिया और कहा कि उनके कल यहां आने के बादे से उनका जिस गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता.

देश की संख्या और आकार मायने नहीं रखता, भावना मायने रखती है
उन्होंने इस्राइल, खासकर उसके नवोन्मेषों एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश ने यह दिखा दिया है कि संख्या या आकार मायने नहीं रखता बल्कि भावना मायने रखती है.

मोशे से भी मिले थे पीएम मोदी
वर्ष 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के दौरान एक भारतीय आया ने 11 वर्षीय मोशे होल्त्जबर्ग की जान बचाई थी. पीएम मोदी ने मोशे का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि जीवन ने किस प्रकार आतंकवाद पर विजय प्राप्त की. उन्होंने दिन में मोशे से मुलाकात की थी.

इज़राइल में इस पहाड़ी शेफ ने जीत ल‌िया पीएम मोदी का द‌िल, जान‌िए क्या कहा

पीएम मोदी के इजराइल दौरे पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया की नजर भी है। नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने इजराइल का दौरा किया। इस दौरान भारत के इस शेफ ने पीएम मोदी का द‌िल जीत ल‌िया। जान‌िए उन्होंने क्या कहा.

जी हां, पीएम मोदी के तीन द‌िन दौरे के लिए भारतीय शेफ्स को खाने – पीने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिनमें उत्तराखंड के शेफ धरेन्द्र पंवार भी शामिल हैं। धरमेंद्र ने ही पीएम मोदी के खाना बनाया।

एक न्यूज वैबसाइट के मुताब‌िक, धर्मेंद्र उत्तराखंड के टिहरी जिले के बुढ़ाकेदार के रहने वाले हैं। पिछले पांच सालों से धर्मेद्र इजराइल में हैं और यहां के एक होटल में शेफ हैं। उन्होंने खाने की तारीफ की तो वहां धमेंद्र को सामने कर द‌िया गया।

धर्मेद्र के दोस्त सावन पंवार के मुताब‌ि‌क जब पीएम ने धमेंद्र से पूछा क‌ि कहां से हो, तो उसने कहा उत्तराखंड। इस पर पीएम ने उत्तराखंड की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा क‌ि उत्तराखंड के लोग बहुत अच्छे हैं। तुम भी अच्छा काम कर रहे हो।

पीएम नरेंद्र मोदी की इस्राइल यात्रा पर करीब से नजर रख रहा है पाकिस्तान : रिपोर्ट

पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्राइल की ऐतिहासिक यात्रा पर निकटता से नजर रख रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में सामरिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं.

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, पाकिस्तान अन्य सरकारों के प्रमुखों और राष्ट्राध्यक्षों की द्विपक्षीय यात्राओं पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी नहीं करता है, लेकिन वह पीएम मोदी की यात्रा पर निकटता से नजर रखे हुए है, क्योंकि इसके क्षेत्र की रणनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं.

समाचार पत्र में कहा गया है, ‘इस्राइल भारत को लंबे समय से हथियारों एवं अन्य रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करता आया है और इन सौदों को दोनों पक्षों ने जानबूझकर गोपनीय रखा है. दोनों देश अपने गहरे रक्षा सहयोग पर अब अधिक खुलकर एवं सार्वजनिक रूप से बात करते हैं’.

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. जफर नवाज जसपाल ने कहा कि भारत एवं इस्राइल के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सामरिक संतुलन बिगाड़ेगा.

भारत-इजराइल का साथ मित्रता का है, मिलने में 70 साल लग गए पीएम मोदी के भाषण की 10 खास बातें

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी इजराइल यात्रा के दौरान कन्वेन्शन सेंटर में भारतीय कम्युनिटी के बीच जाकर उन्हें संबोधित किया. इस मौके पर इजरायल पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी उनके साथ मौजूद रहे. मोदी ने अपने स्पीच की शुरुआत हिब्रू में की और इजरायली लोगों का अभिवादन किया. पेश है प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 खास बातें -

  1. ”मैं आपसे मेरी बात की शुरुआत इसी कन्फेशन से करना चाहता हूं. वाकई, बहुत दिन बाद मिले. दिन भी कहना ठीक नहीं है. सच यह है कि मिलने में हमें कई साल लग गए. 10-20-50 नहीं, 70 साल लग गए.
  2. आजादी के 70 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री आज आप सभी के आशीर्वाद ले रहा है. इस अवसर पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू यहां मौजूद हैं.” इजरायल में किसी भारतीय नेता का इस तरह का पहला इवेंट है.
  3. जो सम्मान मुझे दिया वह भारत के सवा सौ करोड़ लोगों का सम्मान है. हम दोनों ही अपने अपने देशों की स्वतंत्रता के बाद पैदा हुए हैं. भारतीय भूमि के प्रति उनका प्यार..उन्हें भारत खींच लाने वाला है.
  4. भारत और इजराइल कई साल से गहराई से जुड़े हुए हैं. आज भी यह जगह येरुशलेम और भारत के संबंधों का प्रतीक है. भारत-इजराइल का साथ परंपराओं, संस्कति, विश्वास, मित्रता का है.
  5. मैं इजराइल की शौर्यता को प्रणाम करता हूं. किसी भी देश का विकास, आकार उसके नागरिकों का भरोसा तय करता है. संख्या बढ़ाना उतना मायने नहीं रखता ये इजराइल ने कर दिखाया है. हाइफा की आजादी में भारतीय सैनिकों का हाथ है.
  6. हमारे त्योहारों में भी अद्भुत समानता है. भारत में होली की तरह यहां भी ऐसा ही त्योहार मनाया जाता है. भारत में दिवाली तो यहां हनुका मनाया जाता है.
  7. शौर्य इजराइल के विकास का आधार रहा है. किसी भी देश का विकास और आकार उसके देश के नागरिकों के भरोसे पर तय होता है. संख्या और आकार मायने नहीं रखती, यह इजराइल साबित किया है.
  8. एलिश एस्टन को द इंडियन के नाम से भी जान जाता है. ब्रिटिश काल के दौरान उन्होंने मराठा इन्फ्रेंट्री में काम किया था. प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान हाइफा को आजाद कराने में भारतीयों की भूमिका रही है. मेरा सौभाग्य है कि मैं उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने हाइफा जा रहा हूं.
  9. मैं भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जफरयाब जैकब का जिक्र करना चाहता हूं. उनके पुरखे बगदाद से भारत आए. 1971 में जब बांग्लादेश पाक से आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तब उन्होंने पाक सैनिकों का समर्पण कराने में अहम भूमिका निभाई है यहूदी लोग भारत में कम संख्या में रहे लेकिन जिस भी क्षेत्र में रहे, उन्होंने उपस्थिति अलग से दर्ज कराई. सिर्फ सेना ही नहीं, साहित्य, संस्कृति, फिल्म में भी यहूदी लोग अपनी इच्छाशक्ति के दम पर आगे बढ़े हैं.
  10. मेरी सरकार का एकमात्र फॉर्मूला – रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफ़ॉर्म है.

इजरायल में मोदी का ‘जय जवान’, हाइफा वॉर मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि

पहले विश्व युद्ध में ओटोमन साम्राज्य से हाइफा की हिफाजत करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय जवानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी अपनी इजरायल यात्रा के तीसरे और आखिरी दिन हाइफा के दौरे पर हैं. ये पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री चीन के दौरे पर है. पीएम मोदी ने 99 साल पहले पहले विश्वयुद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने हाइफा पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी मौजूद रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार की सुबह येरूशलम से हेलिकॉप्टर के जरिए हाइफा के लिए उड़ान भरी. हाइफा पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने शहीदों को सलामी दी और मौन श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान बैंड ने भी श्रद्धांजलि धुन बजाई. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों के स्मारक पर पुष्प गुच्छ अर्पित किए.

हाइफा स्थित शहीद स्मारक जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘शहर की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले 44 भारतीय जवानों के लिए यह आखिरी जगह थी, जहां उन्होंने विश्राम किया था.’

भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस के रूप में मनाती है. यह दिन दो कैवेलरी रेजिमेंट की बहादुरी और साहस की याद में मनाया जाता है. इन दोनों रेजिमेंट्स ने हाइफा को ओटोमन साम्राज्य से बचाने में अपना सर्वस्व झोंक दिया था. ये दोनों कैवेलरी 5वीं इम्पीरियल सर्विस कैवेलरी ब्रिगेड का हिस्सा थीं.

1918 के पतझड़ में मित्र देशों की सेना का हिस्सा रहे भारतीय ब्रिगेड ने बहादुरी और साहस से भरी एक महान कैवेलरी कैंपेन को अंजाम दिया था.

 PM Modi and PM Netanyahu unveil plaque commemorating Major Dalpat Singh(WW1 hero) in Haifa #IndiaIsraelFriendship pic.twitter.com/HViNGcqnwj

— ANI (@ANI_news) 6 July 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे का आज आखिरी दिन और तीसरा दिन है.

Jerusalem, Israel: PM Narendra Modi leaves for Haifa along with his Israeli counterpart Benjamin Netanyahu. pic.twitter.com/OUwVg65nya

— ANI (@ANI_news) 6 July 2017

हाइफा वो जगह है, जहां पहले विश्व युद्ध में भारतीय जवानों ने अपने शौर्य का जौहर दिखाया था. भारतीय जवानों ने आधुनिक हथियारों से लैस ओटोमन तुर्कों के खिलाफ लड़ते हुए हाइफा की हिफाजत की थी. घुड़सवार भारतीय सैनिकों ने तलवार और भालों से ही दुश्मन सेना को शिकस्त दी थी. इस दौरान कई भारतीय जवान शहीद हो गए थे.

ये लड़ाई 23 सितंबर 1918 को हुई थी. आज भी इस दिन को इजरायल में हैफा दिवस के रूप में मनाया जाता है. साथ ही भारतीय सेना भी इस दिन अपने जवानों के शौर्य को सलाम करती है.

पीएम मोदी का आज का कार्यक्रम

  1. भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे भारतीय शहीदों को हाइफा में श्रद्धांजलि देंगे.
  2. इसके बाद मोदी 30 सीईओ के साथ लंच करेंगे.
  3. हाइफा से दोनों पीएम कार से राजधानी तेल-अवीव लौटेंगे और रास्ते में एक बीच पर रुकेंगे.
  4. इसके बाद पीएम मोदी इजरायल की संसद को भी संबोधित करेंगे.
  5. भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे पीएम मोदी जी-20 समिट में शामिल होने के लिए जर्मनी रवाना हो जाएंगे.

इससे पहले पीएम मोदी ने अपने इजरायल दौरे के दूसरे दिन भारतीय समुदाय को संबोधित किया. राजधानी तेल अवीव के कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री को सुनने करीब पांच हजार भारतीय पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री ने वहां अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां तो गिनवाई हीं, साथ ही साथ तीन बड़ी सौगातें भी दीं. मोदी ने मंच से ओसीआई कार्ड के नियमों में राहत, इंडियन कल्चरल सेंटर खोलने की घोषणा तो की ही भाषण के अंत में उन्होंने दिल्ली-मुंबई-तेल अवीव विमान सेवा जल्द शुरू होने की घोषणा भी की.