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मोदी सरकार तीसरे विश्व में सबसे अधिक भरोसेमंद है, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया शीर्ष सूची

गुजरात चुनाव के दौरान नोटबंदी और जीएसटी को लेकर विपक्ष के आरोपों का सामना कर रही केंद्र सरकार। वहीं नरेंद्र मोदी सरकार को वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने अपने सर्वे में एक खुशखबरी दी है। इस सर्वे में मोदी की अगुवाई वाली केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार को दुनिया की तीसरी सबसे भरोसेमंद सरकार बताया गया है। वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वे के मुताबिक, देश की तीन चौथाई आबादी को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है। और जनता उनके द्वारा लिए गए हर फैसले में उनके साथ खड़ी रहती है।

वर्ल्‍ड इकोनॉमिक फोरम ने हाल ही में अपने सर्वे के मुताबिक विश्व में अपनी जनता का भरोसा जीतने वाली सरकारों में भारत की नरेंद्र मोदी सरकार का नंबर तीसरा है। अर्थात् केंद्र की मोदी सरकार के पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल से देश की जनता खुश है। इस फेहरिस्त में पहले स्थान पर स्विट्जरलैंड और दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया की सरकार है। सर्वे में स्विट्जरलैंड की सरकार पर 82% जनता ने भरोसा किया है। वहीं इंडोनेशिया की सरकार पर भी वहां की 82% जनता ने भरोसा किया है। भारत देश में मोदी सरकार पर देश की 73% आबादी ने भरोसा किया है। वहीं, फिनलैंड, स्‍वीडन, डेनमार्क और ऑस्‍ट्रेलिया इस मामले में निचले पायदान पर हैं।

इस सर्वे के अनुसार करीब तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार पर भरोसा किया है। यह सर्वे अर्थव्‍यवस्‍था की हालत, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्‍टाचार मामलों को लेकर किया गया था । इस सर्वेक्षण के नतीजों में कहा गया है कि देश में भ्रष्‍टाचार विरोधी मुहिम और कर सुधारों के कारण मोदी सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा गया है। यह सर्वे ऐसे समय में आया है। जब विपक्षी दल गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार में जीएसटी और नोटबंदी जैसे मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और भाजपा को निशाना बना रही हैं।

India securing third best place in the list of most trusted governments worldwide is an evidence that the country is treading in the right direction of development under our Hon’ble PM @narendramodi Ji’s leadership. https://t.co/ACkT6wOLQ2

— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) November 19, 2017

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जे पी नड्डा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह सूची साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और कहा कि सर्वेक्षण के नतीजे दर्शाते हैं कि देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Over the past few years, citizens had lost their trust in the government and politicians. The policies and leadership of @narendraModi ji has evoked that trust which is the cornerstone of a democracy. Every Indian is seeing a #NewIndia in the leadership of our Hon’ble PM.

— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) November 19, 2017

अमेरिका में पिछले दिनों में हुए इस सर्वेक्षण में पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे लोकप्रिय राजनीतिक हस्‍ती बताया गया है। कहा जाता है कि नोटबंदी के समय जनता ने उनके कई फैसलों के साथ रही है। वहीं बीते 17 नवंबर को अमेरिका की रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी भारत की रेटिंग में सुधार करते हुए उसे बीएए2 कर दिया था। मूडीज ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ा है। यही नहीं इस साल अंतरराष्‍ट्रीय एजेंसी इप्सॉस मोरी (Ipsos Mori) के दुनियाभर में किए गए नए ऑनलाइन सर्वे में 12 प्रभावशाली देशों की सूची में भारत को 7वां स्‍थान मिला है। इस सर्वे में भारत सकारात्मक प्रभाव वाले देशों की सूची में अमेरिका और चीन से भी ऊपर है। इप्सॉस मोरी, मूडीज और अब वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के इस सर्वे के बाद यह कहा जा सकता है कि 3 साल के बाद भी पीएम मोदी का जलवा कायम है और देश में मोदी लहर बरकरार है।

विश्व प्रतिभा में भारत की रैंकिंग की स्थिति में सुधार, भारत 51वें स्थान पर पहुंचा

प्रतिभाओं को आकर्षित, विकसित और उन्हें अपने यहां बनाए रखने के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग तीन अंक से सुधरकर 51वीं हो गई है। इस मामले में स्विट्जरलैंड अब भी पहले स्थान पर बना हुआ है। स्विट्जरलैंड के प्रमुख बिजनेस स्कूल आईएमडी ने यह सूची जारी की है कि विश्व प्रतिभा रैकिंग में यूरोप का दबदबा कायम है। यूरोप के स्विट्जरलैंड, डेनमार्क और बेल्जियम आदि यह देश इस मामले में सबसे प्रतिस्पर्धी है। इसके अलावा ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, नीदरलैंड, नॉर्वे, जर्मनी, स्वीडन और लक्जमबर्ग दस देशों में शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप की जबरदस्त शिक्षा प्रणाली उसे भीड़ से अलग बनाती है। यह उसे स्थानीय प्रतिभा के विकास और उसी समय विदेशी प्रतिभा और उच्च कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने की क्षमता प्रदान करता है। इससे कई यूरोपीय कारोबार अपने प्रदर्शन के लिए उन पर ऐतबार करते हैं।

63 देश किए जाते हैं शामिल

आईएमडी की वार्षिक विश्व प्रतिभा रैंकिंग में 63 देश शामिल किए जाते हैं और भारत का स्थान सुधरकर 51वां हो गया है। इसमें शामिल देशों की रैंकिंग तीन प्रमुख श्रेणियों पर निर्भर करती है। यह श्रेणियां निवेश एवं विकास, लोगों के बीच उसकी अपील और उन्हें लेकर देश की तैयारी है। भारत को इसमें क्रमश: 62वां, 43वां और 29वां स्थान प्राप्त हुआ है।

भारत को सुधार की जरूरत

आईएमडी स्विट्जरलैंड के प्रतिस्पर्धात्मकता मामलों के प्रमुख ऑर्चुरो ब्रिस ने कहा कि स्थानीय प्रतिभा को अपने यहां बनाए रखने और विदेशी कार्यबल को आकर्षिक करने के क्षेत्र में भारत अच्छा काम नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों ही बातों में घरेलू स्तर पर रोजगार के लिए पारिश्रमिक स्तर, जीवनस्तर की गुणवत्ता आवश्यक तत्व हैं। आपको बता दें कि ब्रिक्स समूह में शामिल चीन की स्थिति सबसे बेहतर और सूची में उसका 40वां स्थान है। इसके बाद भी 43वें स्थान पर रूस, 48वें पर दक्षिण अफ्रीका और 52वें पर ब्राजील हैं।

बोहरा समुदाय की मुस्लिम महिलाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खतना बंद करवाने की मांग

दाऊदी बोहरा समुदाय से आने वाली कई महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़कियों के खतना (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) को गैरकानूनी करार देने के लिए मदद की गुहार लगाई है। इन महिलाओं ने खतना के खिलाफ कैंपेन लॉन्च किया है। 19 नवंबर 2017 को वर्ल्ड डे फॉर प्रीवेंशन ऑफ चाइल्ड अब्यूस के अवसर पर वीस्पीकआउट बैनर के तले ऑनलाइन कैंपेन की शुरुआत की गई है। आपको बता दें कि देश में खतना के खिलाफ कोई कानून भी नहीं है। अन्य देशों में भी लड़कियों का खतना होता है लेकिन वह केवल एक निवारण के तौर पर किया जाता है।

बोहरा समुदाय की महिलाओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा गया है कि केंद्र सरकार को कम से कम राज्य सरकारों और बोहरा सय्यदनाओं को एक एडवाइजरी जारी कर खतना को आईपीसी और पोस्को एक्त के तहत अपराध घोषित करने के लिए कहना चाहिए। वहीं खतना भी पोस्को एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न को परिभाषित करती है। इस मुद्दे को महिला एंव बाल विकास मंत्रालय भी पहले उठा चुका है जिसमें से यह वादा किया गया था। कि देश में खतना प्रथा को बैन कर दिया जाएगा, लेकिन मंत्रालय के वादे केवल वादे रह गए जिसके कारण बोहरा समुदाय की महिलाओं ने इसके खिलाफ कैंपेन चलाया है।

इस पत्र में यह भी लिखा गया है कि खतना यौन हिंसा का ही एक प्रकार है जो कि एक व्यस्क महिला या लड़की के जीवन में गहरे भावात्मक, यौन और शारीरिक परिणाम डालता हैं। अब समय आ गया है कि इस हानिकारक प्रथा को खत्म कर दिया जाना चाहिए। इससे केवल महिलाओं और लड़कियों को दर्द देने का ही काम करता है। इस अभियान में शामिल एक महिला मासूमा रानाल्वी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी से सिफारिश है। कि इस प्रथा को गैरकानूनी करार देते हुए खत्म कर दिया जाना चाहिए। इससे पहले भी बोहरा समुदाय प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर खतना को बैन करने की मांग कर चुका है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ICJ में दलवीर भंडारी के पुन:निर्वाचन में जीत की बधाई देते हुए, सुषमा स्वराज को श्रेय दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारतीय जज दलवीर भंडारी के पुन:निर्वाचन का श्रेय विदेश मंत्री श्री मति सुषमा स्वराज और विदेश मंत्रालय को दिया है। उन्होंने ”भारत में विश्वास और समर्थन के लिए‘ संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों के प्रति कृतज्ञता जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है, ”विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, विदेश मंत्रालय और दूतावासों में उनकी पूरी टीम को उनके अथक परिश्रम के लिए बधाई देता हूँ। जिसके कारण भारत आईसीजे में पुन:निर्वाचित हुआ है.”

उन्होंने लिखा है,”यूएनजीए और यूएनएससी के सभी सदस्यों को भारत के प्रति विश्वास और समर्थन के लिए हमारी ओर से कृतज्ञता.” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अदालत में जज दलवीर भंडारी के पुन:निर्वाचन पर बहुत हार्दिक बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है,”उनका पुन:निर्वाचन हमारे लिए गौरव का क्षण है.”अंतरराष्ट्रीय अदालत के पांच में से चार न्यायाधीशों के चुनाव के बाद पांचवें न्यायाधीश के तौर पर पुन: निर्वाचन के लिये भारत के जज दलवीर भंडारी और ब्रिटेन के जज क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के बीच कड़ा मुकाबला था।

I congratulate Justice Dalveer Bhandari on being re-elected to the International Court of Justice. His re-election is a proud moment for us.

— Narendra Modi (@narendramodi) November 21, 2017

सत्तर वर्षीय दलवीर भंडारी की जीत के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है,”वंदे मारतम भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के लिए चुनाव जीता जय हिन्द.” इस जीत के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन का भी खास तौर से जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है, ”आईसीजे में बतौर जज न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी के पुन:निर्वाचन पर उन्हें बधाई. विदेश मंत्रालय की टीम द्वारा कड़ी मेहनत की गई.  संयुक्त राष्ट्र में हमारे स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन खास तव्वजो के हकदार हैं.”

Congratulations to Justice Dalveer Bhandari on his re-election as a Judge of the ICJ. Huge efforts by Team – MEA. Syed Akbaruddin @AkbaruddinIndia our Permanent Representative in UN deserves a special mention.

— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) November 21, 2017

इस्राइल दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को दिए ये तीन गिफ्ट

पीएम नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर इस्राइल के दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी ने भारतीयों को तीन तोहफे दिए. उन्होंने घोषणा की कि इस्राइल में भारतीय मूल के लोगों को भारत के प्रवासी नागरिक (ओसीआई) का कार्ड मिलेगा, भले ही उन्होंने यहां अनिवार्य सैन्य सेवा दी हो. दूसरा दिल्ली, मुंबई और तेल अवीव के बीच सीधी विमान सेवा शुरू की जाएगी ताकि लोगों के बीच आपसी संबंधों को प्रोत्साहित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यहां भारतीय समुदाय की पुरानी मांग को पूरा करते हुए इस्राइल में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र भी खोला जाएगा. (मेरी सरकार का मंत्र है रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म : इस्राइल में भारतीय समुदाय से पीएम मोदी)

पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई कार्ड लेने में आने वाली समस्याओं के बारे में सुना है. प्रधानमंत्री ने दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि भारत सरकार ने नियमों को सरल कर दिया है और इस्राइल में अनिवार्य सैन्य सेवा देने वालों को भी ओसीआई कार्ड दिया जाएगा.

70 साल तक कोई भारतीय पीएम यहां नहीं आया
मोदी ने भारत की पूर्ववर्ती सरकारों पर स्पष्ट निशाना साधते हुए कहा कि इस्राइल से भारत के सदियों पुराने संबंध हैं लेकिन 70 साल में यहां किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने यात्रा नहीं की. यह तथ्य सवाल खड़े करता है. उन्होंने मोदी, मोदी के नारों के बीच कहा, 70 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहां आपका आशीर्वाद लेने आया है. पीएम मोदी ने नेतन्याहू को ‘मेरा मित्र’ करार दिया और कहा कि उनके कल यहां आने के बादे से उनका जिस गर्मजोशी से स्वागत किया गया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता.

देश की संख्या और आकार मायने नहीं रखता, भावना मायने रखती है
उन्होंने इस्राइल, खासकर उसके नवोन्मेषों एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश ने यह दिखा दिया है कि संख्या या आकार मायने नहीं रखता बल्कि भावना मायने रखती है.

मोशे से भी मिले थे पीएम मोदी
वर्ष 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के दौरान एक भारतीय आया ने 11 वर्षीय मोशे होल्त्जबर्ग की जान बचाई थी. पीएम मोदी ने मोशे का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि जीवन ने किस प्रकार आतंकवाद पर विजय प्राप्त की. उन्होंने दिन में मोशे से मुलाकात की थी.